जब जब डंका बाजे भुवन मे लिरिक्स

 जब जब डंका बजे भुवन में" (Jab Jab Danka Baje Bhuvan Mein) माँ काली का एक प्रसिद्ध भजन है, जिसे मुख्य रूप से आचार्य पंडित युवराज पाण्डेय (Aacharya Pt. Yuvraj Pandey) द्वारा लिखा, संगीतबद्ध और गाया गया है। यह 2025 के आस-पास का एक लोकप्रिय महाकाली भजन/पचरा गीत है।

                              गीत


जब जब डंका बजे भुवन में,

 किलकारात देवी आए माँ, 









 जब जब डंका बजे भुवन में,

 किलकारात देवी आए माँ, 

भैरव बजावे लाल चमीटा,

हनुमत भगत गाए माँ हो मईया,

 हनुमत भगत गाए माँ।।



कहाँ लिपत देवी दुर्गा आवे,

 कहाँ सजत काली आए माँ,

 अंगना लिपत देवी दुर्गा आबे, 

भुवन सजत काली आए मां,

किलकारात देवी आए माँ।।

 जब जब डंका बाजे भवन में, 

किलकारात देवी आए माँ।।









कौन लिपाबे माई आँगन आंगनवा, 

कोना भुवन सजाए मां,                                                    2

रानी लिपाबे माई आँगन आंगनवा,

 राजा भुवन सजाए मां,

 जब जब डंका बाजे भवन में,

 किलकारात देवी आए माँ।।









भोले बाबा डेरा डारे, 

द्वारे पे अलख जगाए मां,                                                   2

सिंहवाहनी माई जगतारन,

 काली कंकाली कहाए मां,

 जब जब डंका बाजे भवन में,

 किलकारात देवी आए माँ।।







दास चरण की आस लगाए,

 देवो दर्शन घर जाए मां,                                                    2

 सुमर सुमर माई तोरे जस गावे,

 चरणन शीश झुकाए माँ,

 जब जब डंका बाजे भवन में,

 किलकारात देवी आए माँ।।

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