घुमर घुमर रण गरजे (छत्तीसगढ़ी देवी जस गीत) - Lyrics

घुमर घुमर रण गरजे (छत्तीसगढ़ी देवी जस गीत) - Lyrics


​गायक: पंडित युवराज पांडेय

लेबल: बोल कालिया

गीत के बोल:


​[मुखड़ा]

घुमर घुमर रण गरजे, चंडी चामुंडा काली

जय चंडी चामुंडा काली... जय भवानी!

घुमर घुमर रण गरजे, जय चंडी चामुंडा काली

लप-लप जीभिया कांपे, ओ जगदंबा कंकाली


छम-छम छम-छम बाजे पैजनिया, आदि शक्ति महारानी

कलकत्ता वाली दाई...

​[अंतरा 1]

लाल-लाल नैना चटकाए, कारी काया कांपे

हो मैया, कारी काया कांपे...

लप-लप जीभिया लपके, ओ मैया कोनो डरे ना

खप्पर वाली, काली माई, दुष्टन ला संहारे

लप-लप जीभिया कांपे, ओ जगदंबा कंकाली

​[अंतरा 2]

खंवा के फरसा भन-भन बाजे, बाढ़ असुर अभिमानी

हो मैया, असुर अभिमानी...

लाल गड़ाक परत जैसे, लहू बहे जस पानी

महासमर गदर मचाए, ओ जगदंबा कंकाली

घुमर घुमर रण गरजे, जय चंडी चामुंडा काली

​[अंतरा 3]

टप-टप धार-धार खावन लागे, असुरन ला महाकाली

हो मैया, असुरन ला महाकाली...

नाश करे बर सब दुष्टन के, करके विकट लड़ाई

गावे दास तोर चरण ला, धरे है ध्यान काली

कलकत्ता वाली दाई...

​[कोरस]


घुमर घुमर रण गरजे, जय चंडी चामुंडा काली

लप-लप जीभिया कांपे, ओ जगदंबा कंकाली

जय चंडी चामुंडा काली! जय माता दी!



​Video Link: https://www.youtube.com/watch?v=ghJHiFTSq-c

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